नर्मदापुरम। प्रकाश शिवहरे ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए उन्हें अवगत कराया है कि देहात थाने की पुलिस के द्वारा उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है। महिलाओं के साथ गाली गलौच, अभद्र व्यवहार कर मोबाइल छुड़ाने, चेक करने तथा परिवार को इकट्ठा कर उनकी फोटो खीचकर ले जाने की शिकायत की गई है। पुलिस द्वारा आये दिन रात्रि में जबरदस्ती घरों के दरवाजे खुलवाकर समस्त परिवार को इकट्ठा करवाते हैं। तथा उनके मोबाइल छुड़ाकर परिवार के समस्त सदस्यों की फोटो खेंचते हैं तथा परिवार के सदस्यों को भी आरोपी बनाये जाने की धमकी दे रहे हैं और सार्वजनिक रूप से गाली गलौच कर मोहल्ले एवं नगर में परिवार की प्रतिष्ठा तथा छवि धूमिल कर रहे हैं। प्रार्थीगण को उनके पुत्रों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उनके मोबाइल बंद हैं तथा देहात पुलिस नर्मदापुरम द्वारा प्रार्थीगण के परिवारों के समस्त सदस्यों के मोबाइल नंबर लेकर साईबर पुलिस के माध्यम से सभी नम्बरों की कालिंग ट्रेस हो रही है ऐसी स्थिति में जबकि प्रार्थीगण से उनके पुत्रों का कोई संबंध नहीं होना पुलिस की जानकारी में है इसके पश्चात भी पुलिस द्वारा प्रार्थीगण के परिवारों को अनावश्यक रूप से धमकियां देकर अपमानित एवं परेशान किया जा रहा है जिससे प्रार्थिया सुषमा सराठे हार्ट पेंसेंट होने से तथा पुलिस द्वारा घर में घुसकर धमकी देकर अपमानित करने से अटेक आ जाने से तुरन्त हास्पिटलॉइज किया गया था। इसी प्रकार प्रार्थी राजेश रघुवंशी को उसके छोटे भाई राकेश रघुवंशी को थाने बुलाये जाने का डर दिखाकर सुबह 11 बजे देहात थाना नर्मदापुरम बुलाकर बैठा लिया तथा रात्रि में 11 बजे वमुश्किल छोडा गया ऐसा पुलिस प्रतिदिन कर रही है। पुलिस द्वारा प्रतिदिन घर आकर महिलाओं को अपमानित किया जाना बंद नहीं किया जा रहा है जिससे प्रार्थीगण काफी भयभीत हैं।
एसपी को दिए गए आवेदन में लिखा गया है कि आत्महत्या के मामले में मृतक अमित दीवान के कथित लॉज में मिली डेडवॉडी जो सोशल मीडिया पर भी उक्त फोटो बायरल हुई थी उक्त डेडबाडी के पैर जमीन से लगे हुये थे तथा लॉज की खिडकी की राड से रस्सी बंधी हुई एवं डेडबाडी दीवाल से टिकी हुई दिख रही है जो निश्चित रूप से आत्महत्या की स्थिति नहीं दिखती है। मृतक अमित दीवान के पास से पुलिस के बताये अनुसार प्राप्त हुये तथाकथित सुसाइड नोट में लिखे गये आरोपीगण के नाम में प्रार्थी प्रकाश शिवहरे के पुत्रों के नाम में आकाश शिवहरे का नाम नहीं है। वास्तविक नाम विकास शिवहरे है तथा आकाश शिवहरे हैं। इसी प्रकार प्रार्थिया सुषमा सराठे के पुत्र का नाम भैया सराठे नहीं है बल्कि आशीष सराठे हैं एवं ऋषि सराठे है जबकि सुसाइड नोट में दूसरा नाम लिखा हुआ है जो दोनों ही नाम प्रार्थिया के पुत्रों के नहीं है। इसी प्रकार सुसाइड नोट में प्रार्थी राजेश रघुवंशी के छोटे भाई राकेश रघुवंशी का नाम नहीं है बल्कि कोई राकेश रघुवानी का नाम लिखा है पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से प्रार्थीगण तथा उनके पुत्रों को परेशान किया जा रहा है।
आवेदकों ने आवेदन की प्रति मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को भी प्रेषित की है।
आवेदकों ने लिखा है कि पुलिस द्वारा मृतक अमितं दीवान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त किये वगैर तथा सुसाइड नोट के संबंध में हस्तलिपि विशेषज्ञ की कोई जांच रिपोर्ट प्राप्त किये वगैर अविलम्ब रिपोर्ट दर्ज कर ली है तथा प्रार्थीगण के पुत्रों को गिरफ्तार किये जाने के लिये उनके परिजन को अनावश्यक रूप से डराया एवं धमकाया जा रहा है जिससे प्रार्थीगण अपने पारिवारिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं।
यह भी मांग की जा रही है कि अमित दीवान की मृत्यु के संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं हस्तलिपि विशेषज्ञ की रिपोर्ट प्राप्त होने तक कोई कानूनी कार्यवाही नहीं किये जाने तथा प्रार्थीगण के परिवार को देहात थाना पुलिस नर्मदापुरम के अत्याचारों से संरक्षण प्रदान किया जाए। पुलिस अधिकारियों से मांग करने वालों में प्रकाश शिवहरे, राजेश रघुवंशी राजेश रहत, श्रीमती विद्यावती राजपूत विद्यावती, श्रीमती सुषमा सराठे शामिल हैं।






