ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर जारी, अडाणी-अंबानी स्मार्ट रोड से पहुंचेंगे

Join Us

भोपाल, (आरएनएस)। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में 24 और 25 फरवरी को आयोजित होने जा रही ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक का दौर जारी है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित उद्योगपतियों के एयरपेार्ट से समिट स्थल पहुंचने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वन विहार रोड से समिट स्थल पर पहुंच सकते हैं। वहीं उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी सहित तमाम उद्योगपति और उनके प्रतिनिधि स्मार्ट रोड से होकर समिट में आएंगे। जीआईएस में प्रधानमंत्री सहित देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों और उनके प्रतिनिधियों के शामिल होने के कारण यह कार्यक्रम और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। सभी के आने-जाने के रूट की तैयारियां की जा रही हैं। पहले प्रधानमंत्री के लिए मानव संग्रहालय या फिर लाल परेड मैदान में हैलीपेड बनाए जाने पर विचार किया गया था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अब वह सीधे एयरपेार्ट से सडक़ मार्ग से आयोजन स्थल पर पहुंच सकते हैं।

Previous articleकरोड़ों के ब्रिज में गलत दिशा से जा रहे वाहन भोपाल (आरएनएस)। शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके बाबूलाल गौर सेतु ओर अंबेडकर ब्रिज बनाया गया, ताकि वाहन चलाक सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे। लेकिन अधिकारियों की गलत प्लानिंग की वजह से वाहन चलाक गलत दिशा (रांग साइड) से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। बाबूलाल गौर सेतु (बावडिय़ा कलां ओवर ब्रिज), अंबेडकर ब्रिज और हबीबगंतज अंडर ब्रिज इन तीनों स्थानों से वाहन चालकों को रांग साइड से जाता हुआ देखा जा सकता है। जिन चालकों को मिसरोद की तरफ जाना है, वह बावडिय़ा ब्रिज, से रांग साइड से जाते हैं। जिन वाहन चालकों को अरेरा कालोनी की तरफ जाना है, वह अंबेडकर ब्रिज गणेश मंदिर की तरफ से रांग साइड होकर जाते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीनों स्थानों से दिनभर में 50 हजार से अधिक वाहन चालक रंाग साइड से आवाजाही करते हैं। जिनके साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है । इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। एक्सर्ट मानते हैं कि ब्रिज के डिजाइन की खामियों की वजह से जहां डिवाइडर नहीं होने चाहिए थे, वहां डिवाइडर हैं। इससे यह स्थिति बनी है। अनिल पुरोहित 000000000000000000000
Next articleसुनीता विलियमस ने रचा इतिहास, 9वीं बार किया स्पेसवॉक; 5.5 घंटे तक स्पेस स्टेशन से रहीं बाहर