भोपाल,(आरएनएस)। प्रदेश के वन प्रबंधन में कार्यरत एनजओ की वन मुख्यालय ने जानकारी तलब की है। ये वह एनजीओ हैं जो जंगल में आग के नियंत्रण के लिए वन अमले को प्रशिक्षित करते हैं। साथ ही वन प्रबंधन से जुड़े अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम ीाी चलाते हंै। बीते वर्ष वन ओर वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठे सवालों के चलते एनजीओ की भी भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है। ऐसे में वन मुख्यालय की वसंरक्षण शाखा के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी एनजीओ की जानकारी मांगी है। जिसके बाद अब फील्ड के वन अधिकारी द्वारा इन एनजीओ के पंजीयन सहित सारी डिटेल खंगाली जा रही है। वन विभगा यह भी पता लगा रहा है कि संबंधित एनजीओ की फंडिंग का सोर्स क्या हे। इन एनजीओ को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग भी मिलती है यह फंडिंग कहां से ओर किस उद्देश्य से दी जाती है, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। मध्य प्रदेश में अधिकांश एनजीओ लंबे समय से जंगलों में अग्नि सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षण व कार्यशलाएं चलाते हैं। बावजूद इसके पांच साल में एक लाख 23 हजार 80 बार जंगल में आग लगने की घटनाएं हुई हैं।







