दादी-नानी का प्यार बना जीवन का सहारा, दो महीने तक सीने से लगाकर जुड़वां बच्चों को दी नई जिंदगी

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भोपाल (आरएनएस)। बचपन में हर बच्चा दादी-नानी की कहानियों के साथ बड़ा होता है। माता-पिता के रूठे बच्चे दादी-नानी के प्यार से ही मुस्कुराते थे। ऐसा ही प्यार एक बार फिर एम्स भोपाल में नजर आया। यहां जन्म से कमजोर जुड़वा बच्चों के लिए दादी-नानी का प्यार और कोमल अहसास नई जिंदगी बनकर आया। दादी-नानी ने इन बच्चों को दो महीने तक अपने सीने से चिपका कर कंगारू केयर थेरेपी दी और इस रिश्ते को एक बार फिर जीवंत बना दिया। जानकारी के अनुसार, सिकल सेल एनीमिया से पीडि़त एक गर्भवती ने एम्स में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। मां बहुत कमजोर थी, लिहाजा बच्चों का जन्म सात माह की गर्भावस्था में ही हो गया। बच्चे बहुत कमजोर थे। बच्चों की जिंदगी के लिए डॉक्टरों को इलाज से ज्यादा मां के कोमल अहसास पर भरोसा था। बच्चों की मां की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह एक साथ दो बच्चों को कंगारू मदर केयर दे सके, इसलिए दादी-नानी को चुना। डॉक्टरां के सुझाव में दादी-नानी ने दो महीने तक बच्चों को अपने आंचल में छुपाकर कंगारू मदर केयर थेरेपी दी। दादी-नानी से मिले प्यार से दोनों बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।

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