अब आईटी की रडार पर पूर्व आरक्षक सौरभ के रिश्तेदार

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भोपाल,  (आरएनएस)। पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके रिश्तेदारों के यहां बेनामी संपत्ति की भी जांच पड़ताल शुरु कर दी गई है। आयकर विभाग ने बैंक ट्रांजेक्शन संपत्ति खरीदी-बिक्री ओर विदेश दौरों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। जिस स्थान पर इनोवा कार मिली थी वह प्रापटी आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की मौसी सविता से जुड़ी है। सोरभ शर्मा की मौसी सविता ओर उनके बेटे-बेटियों के अलावा सौरभ शर्मा के मामा का भी इसमें बड़ी भूमिका सामने आई है। बताया जाता है कि कार को एकांत में ठिकाने लगाकर गोल्ड और कैश छिपाने की प्लानिंग में सविता हसवानी का बेटा विनय हसवानी भी शामिल था। इनसे जुड़े लोगों की डिटेल भी निकाली जा रही है। माना जा रहा है कि ये अपने लोगों के चेन बनाकर मनी लांड्रिंग ओर कैश की खेप इधर से उधर करने का काम करते थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल की टीम ने सौरभ के जीजा रोहित तिवारी जबलपुर, सहयागी शरद जायसवाल ओर चेतन सिंह गौर के ठिकानों पर छापेमारी कर 23 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति जब्त की है।

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