भोपाल, (आरएनएस)। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के हस्तक्षेप के बाद अंतत: वाल्मी ने अपने कैंपस से दामखेड़ा जाने के लिए एप्रोच रोड खोल दिया है। हालांकि यहां से बड़े वाहन नहीं गुजर सकते। यह रोड रात 12 बजे के बाद बंद कर दी जाती है। रोड ख्ुालने से नेहरु नगर से चंदनपुरा की ओर जाने वाले और खासतौर से वाल्मी के पीछे बनी रिवेरा हिल्स कॉलोनी सहित कोलार की बड़ी आबादी को फायदा हुआ है। उन्हें न्यू मार्केट या चूनाभट्टी जाने के लिए तीन से पांच किमी दूरी कम हो गई है। यह सडक़ अभी कच्ची है। वहीं इस रोड के शुरु होने से केरवा-कलियासोत और चंदनपुरा सडक़ पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस सडक़ को बाघ कॉरिडोर भी माना जाता है। दरअसल, सीपीए ने छह साल पहले दामखेड़ा से वाल्मी जाने के लिए कलियासोत नदी पर करीब पांच करोड़ से पुल बनाया था, लेकिन वाल्मी ने प्रस्तावित रोड की अनुमति नहीं दी। इस बीच सीपीए को खत्म कर दिया गया। इधर, तत्कालीन वाल्मी संचालन उर्मिला शुक्ला ने एप्रोच रोड भी बंद करा दी। उनका तर्क था कि एप्रोच रोड खुलने से वाल्मी परिसर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा, इससे बायोडायवर्सिटी प्रभावित होगी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा वाल्मी से होकर एप्रोच रोड को शुरु करने के लिए प्रयास कर रहे थे। पिछले चुनाव में रिवेरा हिल्स के लोगों ने एप्रोच रोड नहीं बनने का मुद्दा उठाते हुए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी। रिवतेरा हिल्स कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारी नेता जितेंद्र सिंह ने कहा, इस रोड के लिए हम प्रयास कर रहे थे। कलेक्टर के सहयोग से हाल ही में इस खोला गया है। इससे आवागमन में हमारा समय ओर दूरी दोनों बच गई है।








