सौरभ शर्मा के पार्टनर शरद की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त

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भोपाल (आरएनएस)। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की कंपनी के डायरेक्टर/पार्टनर शरद जायसवाल की अग्रिम जमानत याचिका शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (लोकायुक्त संगठन) आरपी मिश्रा की अदालत ने निरस्त कर दिया। आरोपी के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी शरद जायसवाल का 2019 में सौरभ शर्मा से परिचय हुआ था। 2022 में सौरभ शर्मा क कहने पर पिता का फ्लैट बेचकर और मां के बचत के रुपयों से अविरल इंटरप्राइजेज की समस्त जानकाीर जांच अफसरों का उपलब्ध कराई जा चुकी है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। बुलाए जाने पर वह दिसम्बर 2024 के तीसरे सप्ताह में लोकायुक्त कार्यालय जाकर संबंधित अधिकारियों को दस्तावेज एवं जानकारी दे आया है। घुटने के ऑपरेशन क कारण वह चल-फिर नहीं सकता है। इसलिए उसे अग्रिम जमानत याचिका का लाभ दिया जाए। इधर विशेष लोक अभियोजक विवेक गौड़ ने लोकायुक्त संगठन की ओर से पैरवी करत हुए कहा कि सौरभ शर्मा के मकानों की तलाशी के दौरान लोकायुक्त पुलिस को शरद जायसवाल के नाम की 19 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इन संपत्तियों की कीमत 17.&0 करोड़ है। नोअिस देने क बाद भी वह लोकायुक्त पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुआ और विवेचना में भ सहयोग नहीं कर रहा है।

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