भोपाल(आरएनएस)। संगठन को सशक्त करने और महू में रैली की तैयारियों के लिए बुलाई कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति में पूर्व मुख्मयंत्री दिग्विजय सिंह ने सुझाव दिया कि सालभर केवल संगठन पर ध्यान दिया जाए। कार्यकर्ताओं को आंदोलन में न उलझाया जाए। हालांकि, उनके इस सुझाव पर प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने असहमति जताते हुए कहा कि आवश्यकता अनुसार आंदोलन किए जाएंगे। ब्लाक से लेकर जिला इकाइयों के स्तर पर एक माह में परिवर्तन होंगे। सभी पदाधिकारियों के काम का मूल्यांकन होगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अनुशासन के बिना संगठन नहीं बढ़ सकता है। पार्टी हित को आग रखकर सभी काम करें। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बैठक में कहा कि राजनीति के पांच सूत्र वाक्य संपर्क, संवाद, स्वभाव, समावेश ओर सम्मान हैं। इन्हें सभी को ध्यान में रखना चाहिए। आमजन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जन अभियान चलाया जाए। मोदी सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को एक भी भर्तियां नहीं हुई हैं। पहले इन वर्गों के अलग से बजट होता था, वह भी समाप्त कर दिया गया है। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रभारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले से प्रभारी हैं, उसके बाद भी फिर प्रभारी नियुक्त कर दिए गए। इस पर पटवारी ने कहा कि ऐसा नहीं है। विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी बनाए गए हैं। वे हमारी स्थापित व्यवस्था है। भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जिस तरह भाजपा विभिन्न धार्मिक पर्वों पर बढ़-चढक़र भाग लेती है, वैसा हम क्यों नहीं करते हैं। बार-बार लोगों के बीच जाएंगे तो उनका भरोसा बढ़ेगा।
भाजपा हिंदू-मुसलमान करती है। मुसलमानों को लक्ष्य किया जाता है। पार्टी को साथ खड़े होना चाहिए।








