जिनेवा (ए)। सर्दियों के दौरान सांसो से जुड़े संक्रमण में बढ़ोतरी और ह्यूमन मेटाप्नूमोवायरस (एचएमपीवी) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अधिकारी मार्गरेट हैरिस ने इसको लेकर पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सर्दियों और वसंत ऋतु के दौरान श्वसन संक्रमणों का बढऩा सामान्य है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बता दें कि बीते दिनों एचएमपीवी ने भारत में भी दस्तक दे दी है। देश में एचएमपीवी के 5 नए मामले सामने आए थे। इनमें से 2 मामले कर्नाटक में, 2 तमिलनाडु में और 1 गुजरात में मिले थे। हालांकि केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया था कि इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मार्गरेट हैरिस ने यह भी कहा कि चीन में श्वसन संक्रमण के जो मामले सामने आ रहे हैं, वे सामान्य स्तर पर हैं और सर्दियों के मौसम में इस तरह के मामले अक्सर आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि चीन में अस्पतालों का उपयोग दर पिछले साल की तुलना में इस समय कम है और किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति घोषित नहीं की गई है। हैरिस ने यह स्पष्ट किया कि ह्यूमन मेटाप्नूमोवायरस कोई नया वायरस नहीं है। इसे पहली बार 2001 में पहचाना गया था और यह लंबे समय से मानव आबादी में मौजूद है। यह वायरस सर्दियों और वसंत के मौसम में सक्रिय होता है और इसके लक्षण सामान्य सर्दी जैसे होते हैं। उन्होंने बताया कि चीन के रोग नियंत्रण केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस सबसे ज्यादा मामलों में सामने आ रहा है। दिसंबर के अंत में इन्फ्लुएंजा के लिए टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 30प्रतिशत से अधिक थी, जो आउटपेशेंट और आपातकालीन विभागों में फ्लू जैसे लक्षणों के साथ प्रस्तुत होने वाले मरीजों के लिए सामान्य है।
हैरिस ने संक्रमण से बचाव के लिए सरल उपाय अपनाने की सलाह दी है। ये वही उपाय हैं, जो कोविड-19 के दौरान सुझाए गए थे।








