भोपाल (निप्र)। सागर जिले के बंडा में अवैध शराब पीने से हुई मौतों के बाद सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर पहुंचे और वहां भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। देवड़ा ने डॉक्टरों और अधिकारियों से मरीजों के इलाज की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जरूरत पडऩे पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे और दवाओं, उपकरणों समेत जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाए। अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि अवैध शराब से प्रभावित अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है। एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स भेजा गया है। देवड़ा ने मरीजों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ है और इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
शराब की दुकानों की होगी जांच
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिले में शराब दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुकानों के स्टॉक पर नियमित नजर रखने और अवैध शराब बनाने, उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और बेचने वाले लोगों के पूरे नेटवर्क की जांच करने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
30 आरोपियों पर कार्रवाई, 13 गिरफ्तार
बंडा थाने में इस मामले को लेकर भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जबकि 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब की सप्लाई और निर्माण से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई की जाए।








