कलेक्टर ने की निरीक्षण के दौरान को गई कार्यवाहियों की समीक्षा
नर्मदापुरम/ राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, होशंगाबाद का निरीक्षण 23 दिसंबर 2024 को किया गया था, जिसकी रिपोर्ट पर 07 जनवरी 2025 को कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान सहायक महाप्रबंधक श्री धीरेंद्र कोरी एवं सहायक प्रबंधक दीपक कुमार श्योराण द्वारा जानकारी दी गई की निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 31 मार्च 2024 तक बैंक का NPA 55% से अधिक था और बैंक ने विभिन्न संस्थाओं जैसे अपैक्स बैंक से लिए गए ऋण समय पर नहीं चुका पाए थे। इसके परिणामस्वरूप बैंक लगभग 32 करोड़ रुपए के डिफॉल्ट में था, जिससे बैंक को विगत तीन वर्षों से नाबार्ड से सस्ती ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त नहीं हो पा रहा था, और इसकी लाभप्रदता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की पहल और उनके अथक प्रयासों के बाद बैंक प्रशासन के साथ बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए अब तक 12 समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में बैंक के प्रत्येक स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके परिणामस्वरूप, बैंक ने ऋण वसूली और वितरण पर विशेष ध्यान दिया और किसानों को यह समझाया कि बैंक की वित्तीय स्थिति सुधारने पर उन्हें 0% पर कृषि ऋण प्राप्त हो सकेंगे।
बैंक के सतत प्रयासों और किसानों के सहयोग से दिसंबर माह के अंत तक बैंक ने अपैक्स बैंक का पूरा डिफॉल्ट समाप्त कर दिया, जिससे नाबार्ड ने बैंक को तीन वर्षों के बाद सस्ती दरों पर ऋण देना पुनः शुरू कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, अब बैंक 0% ब्याज दर पर कृषि ऋण देने में सक्षम होगा और किसानों को उनके गांवों में ही समितियों के माध्यम से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकेगा।
इसके अतिरिक्त, बैंक ने अपनी अंशपूंजी में 4% और ग्राहकों से डिपोजिट में 10% की वृद्धि की है। बैंक की इस सफलता से नर्मदापुरम जिले के नागरिकों और किसानों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी, और बैंक अपने सक्षम स्वरूप में वापस आ रही है।
यह निरंतरता क्षेत्र के समस्त नागरिकों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे उन्हें समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी।






