भोपाल(आरएनएस)। परिवहन विभाग की वसूली से धनकुबेर बने सौरभ शर्मा की परिवहन विभाग में हुई अनुकंपा नियुक्ति पर आरटीआई कार्यकर्ता संकेत साहू ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि सौरभ परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति सुनियोजित तरीके से दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि सौरभ ने अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्त् िके लिए आवेदन किया था। इस पर ग्वालियर के तत्कालीन जिला चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य आयुक्त संचालनालय, ग्वालियर कलेक्टर को पत्र के जरिए बताया कि जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने सहायक वर्ग-तीन में काई पद रिक्त नहीं है। जिला चिकित्सा अधिकारी के इस पत्र को तत्कालीन ग्वालियर कलेक्टर ने बिना जांच कराए ही 12 अगस्त 2016 को परिवहन आयुक्त, कार्यालय को उसे अनुकंपा नियुक्ति के लिए पत्र जारी कर दिया। साहू ने आरोप लगाया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी की तरफ से यह गलत जानकारी दी गई कि विभाग में वर्ग-तीन में कोई पद रिक्त नहीं था। उस समय अकेले ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग में 300 से अधिक वर्ग-तीन, वर्ग-चार के पद खाली पड़े थे। प्रदेशभर में हजारों पद रिक्त पड़े थे। उन्होंने सवाल उठाए कि ग्वालियर के अलावा सौरभ को स्वास्थ्य विभाग में कहीं भी अनुकंपा निुयक्ति दी जा सकती थी। लेकिन, परिवहन विभाग में ही उसके लिए वैकेंसी खाली मिली। संकेत ने दावा किया कि सौरभ शर्मा को परिवहन विभगा नियुक्ति सोची-समझी साजिश के तहत कराई गई। उसके लिए तत्कालीन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा की थी। हालांकि अनुशंसा में मंत्री की तरफ से परिवहन विभाग में नियुक्ति का जिक्र नहीं है।
०००००








