वाशिंगटन,,(आरएनएस)। बॉर्बन स्ट्रीट, जो हमेशा शोरगुल और खुशियों से गूंजती रहती है, उस रात मूक हो गई थी। सडक़ पर बिखरे जूते, खून के धब्बे, और पुलिस टेप के पार छाई सन्नाटा, मानो हर चीख को चुप कराने की कोशिश कर रहा था। यह नए साल का दिन था—एक दिन जो उम्मीद और उत्सव का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यह आतंक और दर्द का पर्याय बन गया।28 वर्षीय जे मैकगफी, मिसिसिपी से अपने दोस्तों के साथ आई थीं। वह अभी भी उस पल को याद करती हैं, जब क्लब से बाहर निकलते ही उनकी नजऱ जमीन पर पड़े शवों पर पड़ी। मुझे अपनी माँ को फोन करना था। मैंने कहा, माँ, मैं जि़ंदा हूँ। लेकिन मेरे आसपास जो हुआ, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।28 वर्षीय केसी किर्श, अपने परिवार के साथ पिट्सबर्ग से आए थे। वे अपने ससुर जेरेमी को लेकर बहुत उत्साहित थे, जो व्हीलचेयर पर होने के बावजूद जीवन से भरपूर थे। लेकिन उस रात, हर उम्मीद टूट गई। किर्श ने बताया, जब गोलियों की आवाज़ सुनी, हमने ससुर को खोजने की कोशिश की। अफरा-तफरी में वे पीछे छूट गए। उनके फोन बंद थे, और हमारा डर बढ़ता जा रहा था।








