नई दिल्ली(ए.)। दीवाली से पहले भारत के लिए ईरान की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों में भारत समेत चार देशों को छूट देने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी। ईरान का कहना है कि यह कदम इन देशों के साथ उसके आर्थिक और कूटनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोकद्दम ने मंगलवार को ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी (आईएसएनए) को दिए इंटरव्यू में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल इन चार देशों के जहाजों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। उनके अनुसार, इन जहाजों को बिना किसी बाधा के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति होगी।ईरान के इस फैसले के पीछे भारत के साथ दवाओं और चिकित्सा उत्पादों का व्यापार एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जरूरी सामान हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारत का दवा उद्योग दुनिया के प्रमुख दवा आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। ऐसे में भारतीय जहाजों को समुद्री मार्ग से आवाजाही की छूट मिलने से ईरान के लिए दवाओं और अन्य चिकित्सा उत्पादों का आयात आसान हो सकता है।
चीन को दी गई राहत के पीछे राजनीतिक और रणनीतिक हितों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोकद्दम के मुताबिक, बीजिंग का समर्थन हासिल करना इस फैसले का एक अहम उद्देश्य है। चीन ईरान का प्रमुख व्यापारिक और ऊर्जा साझेदार है। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका के दबाव के बीच चीन का कूटनीतिक सहयोग तेहरान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की ओर से कुछ देशों को छूट दिए जाने के बावजूद अन्य देशों के जहाजों पर प्रतिबंध जारी रहने की बात कही गई है। इस फैसले से भारतीय समुद्री व्यापार को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि वास्तविक स्थिति समुद्री सुरक्षा और आवाजाही से जुड़े नियमों पर निर्भर करेगी।








