
भोपाल (निप्र)। करवा चौथ के पावन पर्व पर महिलाओं में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूजा की थाली सजाई और करवा माता, भगवान गणेश तथा चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान उन्होंने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखा और मंगल कामना की। करवा चौथ भारतीय संस्कृति और वैवाहिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। शाम को महिलाओं ने एक साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुनी और पूजा-अर्चना की। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अघ्र्य अर्पित किया तथा विधि-विधान से व्रत का पारण किया। पर्व के दौरान महिलाओं के बीच पारंपरिक परिधानों, साज-श्रृंगार और पूजा की तैयारियों को लेकर खास उत्साह नजर आया। पूरे वातावरण में श्रद्धा, प्रेम और उल्लास का माहौल रहा। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, समर्पण और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती का प्रतीक बनकर भारतीय संस्कृति की सुंदर परंपराओं को जीवंत करता है।








