नई दिल्ली,16 अक्टूबर (आरएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के बीच ‘जंतर-मंतर चलो’ नाम का एक नया वीडियो गेम सामने आया है। यह खेल मौजूदा घटनाक्रम पर व्यंग्य करता है। इसमें खिलाड़ी आंदोलनकारी बनकर जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं या दिल्ली पुलिस की भूमिका निभाकर प्रदर्शनकारियों को रोक सकते हैं। खेल में अवरोधक, भीड़ और हिरासत जैसी परिस्थितियों को शामिल किया गया है।
इस खेल को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी 27 वर्षीय सूरज कुशवाहा ने तैयार किया है। वह सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में देवऑप्स अभियंता के रूप में काम करते हैं और वनप्ले से जुड़े हैं। इंटरनेट पर वह ‘बग्सराइटर’ नाम से पहचाने जाते हैं। सूरज लिनक्स से संबंधित एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं।
सूरज कुशवाहा को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी खबरें देखने के बाद यह खेल बनाने का विचार आया। उन्होंने इसे इंटरनेट पर खेलने के लिए उपलब्ध कराया है। खेल शुरू करने पर खिलाड़ी को अपनी भूमिका चुननी होती है। इसके बाद उसी के अनुसार खेल की गतिविधियां आगे बढ़ती हैं।
आंदोलनकारी की भूमिका चुनने पर खिलाड़ी को लोगों को जोडक़र एक काफिला तैयार करना होता है और पुलिस से बचते हुए जंतर-मंतर तक पहुंचने का प्रयास करना पड़ता है। वहीं, पुलिस की भूमिका में खिलाड़ी लाठी और अवरोधकों की मदद से प्रदर्शनकारियों को आगे बढऩे से रोकने की कोशिश कर सकता है।
खेल में वास्तविक घटनाक्रम से मिलती-जुलती कई परिस्थितियों को दर्शाया गया है। इसमें इंटरनेट सेवा बंद होने पर नक्शे के काम करना बंद कर देने जैसी स्थिति भी शामिल है। यदि खिलाड़ी को हिरासत में लिया जाता है, तो उसे कपासहेड़ा सीमा क्षेत्र या नरेला स्टेडियम जैसे स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है।
इन विशेषताओं के कारण यह खेल सामान्य मनोरंजन वाले खेलों से अलग नजर आता है। इसमें विरोध-प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और आवाजाही पर प्रतिबंध जैसी स्थितियों को खेल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
सूरज कुशवाहा ने इंस्टाग्राम पर इस खेल का वीडियो साझा किया था। इसके बाद यह सामाजिक माध्यमों पर चर्चा में आ गया। कुछ लोगों ने खेल की अवधारणा की सराहना की, जबकि अन्य ने इसमें नए विकल्प और सुविधाएं जोडऩे के सुझाव दिए








