सीजेपी के लहरा दो तिरंगा मार्च को लेकर छावनी बनी दिल्ली, 32 हजार से अधिक जवान सतर्क

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नई दिल्ली,16 अक्टूबर (आरएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से शुक्रवार शाम पांच बजे आयोजित किए जाने वाले ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के 32 हजार से अधिक जवानों को सतर्क रखा गया है। हालांकि, प्रशासन ने बड़े पैमाने पर प्रस्तावित मार्च को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, केवल कुछ चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर मार्च निकालने की अनुमति दी जा सकती है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बाद यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनातियों में से एक है। कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली में पुलिस के छह हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की लगभग 220 कंपनियों के 26 हजार जवानों को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है।
सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक पाली में लगभग 3,600 जवान तैनात रहेंगे। आवश्यकता पडऩे और भीड़ बढऩे की स्थिति में इनकी संख्या बढ़ाकर 7,200 तक की जा सकती है। पुलिस प्रशासन 30 हजार से 50 हजार लोगों की भीड़ जुटने की आशंका को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहा है।
पुलिस ने सेंट्रल पार्क और राजीव चौक के आसपास साक्ष्य सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 10 से अधिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, आईटीओ और संसद मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल इन स्थानों पर रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो सकती है।
दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी नेहा यादव के अनुसार, कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके चलते बड़े जमावड़े पर रोक है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के आदेश के तहत सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कनॉट प्लेस एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां शुक्रवार को सामान्य तौर पर काफी भीड़ रहती है। यह क्षेत्र 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था। अधिकारियों के अनुसार, यहां कई प्रवेश मार्ग और गलियां होने के कारण सार्वजनिक आवागमन को प्रभावित किए बिना सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। सुरक्षा तैनाती मजबूत करने के लिए अन्य जिलों से भी पुलिसकर्मियों को बुलाया जा रहा है।
जनसंपर्क अधिकारी नेहा यादव ने बताया कि कनॉट प्लेस और आसपास के व्यापारिक एवं बाजार संघों ने अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए पुलिस को लिखित अनुरोध दिए हैं। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि इस तरह के जमावड़ों से कारोबार प्रभावित हो रहा है। त्योहारी मौसम में व्यापार पर प्रतिकूल असर पडऩे से दुकानदारों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका पर संकट पैदा हो सकता है।
यह विरोध प्रदर्शन सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद और तेज हो गया है। दोनों को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वहीं, संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी अजिंक्य शिंदे और 11 अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया है।
सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों का समर्थन मिलने की बात कही गई है। इसके चलते शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों और आंदोलन के समर्थकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी गैरकानूनी जमावड़े में शामिल न हों, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की प्राथमिकता कनॉट प्लेस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम लोगों की आवाजाही को यथासंभव सुचारु रखने की है।

 

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