देवघर, (ए.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को देवघर दौरे के दौरान दर्दमारा स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल परिसर में आयोजित सैन्य सेवा संपर्क मेले के समापन समारोह में हिस्सा लिया। भारतीय सेना की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को विभिन्न सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि जब देश के सैनिक हमेशा राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं, तो देश का भी दायित्व है कि वह सैनिकों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा रहे।
सैनिकों के बलिदान का सम्मान करना और उन्हें उचित सहयोग, देखभाल तथा सुविधाएं उपलब्ध कराना राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का हिस्सा होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति समाज के प्रत्येक व्यक्ति में प्रतिबद्धता होनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाए और उन्हें वह सम्मान, सहयोग तथा देखभाल मिले, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने झारखंड की सैन्य सेवा और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए परमवीर चक्र से सम्मानित लांस नायक अल्बर्ट एक्का तथा राज्य के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उपराष्ट्रपति ने मेले का भ्रमण भी किया और वहां उपलब्ध एकल-खिडक़ी यानी ‘सिंगल-विंडो’ सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समय पर सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन सेवाएं तथा शिकायतों के त्वरित समाधान उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के सैनिक सीमाओं पर तैनात रहकर भारत की संप्रभुता, सम्मान और आने वाली पीढिय़ों के भविष्य की रक्षा करते हैं। उनके प्रति सम्मान केवल भावना का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।








