भोपाल और इंदौर में दिन में तेज धूप और रात के तापमान में रहेगी ठंडक
भोपाल (आरएनएस.)। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। प्रदेश के ऊपर सक्रिय सिस्टम के कारण अगले तीन दिन पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है। बुधवार को जबलपुर, रीवा, सतना, शहडोल समेत 16 जिलों में बारिश के आसार हैं, जबकि भोपाल और इंदौर समेत पश्चिमी हिस्से में दिन में तेज धूप रहेगी और रात के तापमान में ठंडक बनी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मंगलवार को रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।अगले 24 घंटे के दौरान जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में आंधी और तेज हवा भी चल सकती है। 8 और 9 अक्टूबर को भी बारिश का असर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश में ही रहने की संभावना है। इसके बाद 10 अक्टूबर से सिस्टम के कमजोर होने के आसार हैं।प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में फिलहाल बारिश की गतिविधि कम रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम के साथ ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय तेज धूप निकलने की संभावना है। हालांकि रात में मौसम ठंडा बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता रहा है। इस साल भी इसी तरह का ट्रेंड रहने का अनुमान है।
\ अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ दिन में धूप तेज हुई है, जबकि रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।रात के तापमान में गिरावट का असर कई शहरों में दिखाई दे रहा है। मंगलवार रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पचमढ़ी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री, शाजापुर में 18.3 डिग्री और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। इसके उलट दिन के समय गर्मी का असर बरकरार है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है।इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे मध्य प्रदेश से इसकी विदाई हो गई। मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में इस बार कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि इन संभागों के कुछ जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में मानसून कमजोर रहा। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई।
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा रहा। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर शामिल हैं। इसके अलावा आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश दर्ज की गई। मानसून के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी और रायसेन शामिल हैं। इनके अलावा छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे रहा।








