भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियां सितंबर में तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर, पीएमआई 55.2 रहा

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नई दिल्ली ,06 अक्टूबर ,। भारत के सर्विसेज सेक्टर में गतिविधियां सितंबर में बीते महीनों में सबसे तेजी से बढ़ी हैं। इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर्स का तेजी से बढऩा था। यह जानकारी मंगलवार को जारी हुए एचएसबीसी इंडिया पीएमआई डेटा में दी गई।
एसएंडपी ग्लोबल की ओर से संकलित किए गए एचएसबीसी इंडिया पीएमआई डेटा में बताया गया कि सितंबर में पीएमआई बढक़र 55.2 पर पहुंच गया है, जो कि अगस्त में 54.1 पर था। यह जून के बाद पीएमआई का सबसे उच्चतम स्तर है।
सितंबर में नए बिजनेस में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और यह पिछले तीन महीनों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा है। इस दौरान कंपनियों ने डिजिटल समाधान, खाने-पीने की चीजों, इंश्योरेंस, लोन, सॉफ्टवेयर, ट्रांसपोर्टेशन और टूर-एंड-ट्रैवल के लिए ज्यादा मांग देखी।
एचएसबीसी इंडिया ने कहा कि फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंज्यूमर सर्विस सेक्टर की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई।
एचएसबीसी की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, पीएमआई सर्वेक्षण से पता चलता है कि घरेलू मांग बढऩे की वजह से भारत का सर्विस सेक्टर लगातार बेहतर हो रहा है।
उन्होंने कहा, साथ ही, निर्यात का कारोबार भी बढ़ता रहा, हालांकि ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर में इनपुट लागत का दबाव कम होने से सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी बिक्री की कीमतें बढ़ाने की जरूरत कम पड़ी।
हालांकि, सर्वेक्षण से अनुसार सर्विसेज पीएमआई का औसत जुलाई-सितंबर तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले कम रहा और इसने मार्च 2022 को खत्म हुई तिमाही के बाद से अपना सबसे कमजोर तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया।
इसके अलावा, भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में भी सुधार हुआ। कंपनियों ने जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, यूके और अमेरिका से बेहतर कारोबार की सूचना दी।
सितंबर में नए निर्यात बिजनेस में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि, बेहतर ऑर्डर बुक और पाइपलाइन में मौजूद प्रोजेक्ट्स ने सर्विस कंपनियों द्वारा और भर्तियां करने में मदद की।
रोजगार में ठीक-ठाक रफ्तार से बढ़ोतरी हुई, हालांकि नौकरी पैदा करने की दर अगस्त के मुकाबले थोड़ी कम हुई।
इनपुट लागत का दबाव भी कम हुआ, क्योंकि इनपुट कीमतों में महंगाई नवंबर 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई।
इसके अलावा, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स — जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों शामिल हैं — अगस्त के 54.3 से बढक़र सितंबर में 55.9 हो गया है।

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