मैथ्स में नंबर कम आते थे’, 7वीं की छात्रा ने बिल्डिंग की 10वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

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गाजियाबाद ,29 सितंबर ,(आरएनएस)। साहिबाबाद थाना क्षेत्र की गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में सातवीं कक्षा की एक छात्रा की हाईराइज इमारत की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने स्कूल की गणित शिक्षिका पर मानसिक प्रताडऩा और पढ़ाई को लेकर अत्यधिक दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में अन्य विषयों में अच्छा प्रदर्शन करती थी और उसे 80 से 90 प्रतिशत तक अंक मिलते थे, लेकिन गणित में उसके अंक अपेक्षाकृत कम आते थे। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से वह लगातार तनाव में थी और उसे गणित की शिक्षिका के व्यवहार को लेकर डर बना रहता था। हालांकि, शिक्षिका और स्कूल की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिनचर्या में बदलाव से चिंतित था परिवार
परिजनों के मुताबिक, शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी होने पर छात्रा आमतौर पर सुबह करीब 11 बजे तक सोकर उठती थी। हालांकि, घटना से पहले कुछ दिनों से उसकी दिनचर्या में बदलाव देखा गया और वह सुबह 8 से 9 बजे के बीच उठने लगी थी। परिवार का कहना है कि उस समय उन्हें इस बदलाव की वजह समझ नहीं आई।
परिजनों ने बताया कि छात्रा को बटर ब्रेड पसंद नहीं था, लेकिन घटना से पहले शुक्रवार और शनिवार को उसने अपनी मां से बटर ब्रेड खाने की इच्छा जताई थी। परिवार का कहना है कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि बच्ची किसी मानसिक दबाव से गुजर रही हो सकती है।
गणित के अंकों को लेकर तनाव का दावा
परिवार का आरोप है कि गणित में कम अंक मिलने को लेकर छात्रा परेशान रहती थी। परिजनों के मुताबिक, बच्ची को आशंका थी कि स्कूल खुलने के बाद गणित की शिक्षिका उसके साथ खराब व्यवहार कर सकती हैं और कक्षा में अन्य छात्रों के सामने उसे अपमानित किया जा सकता है।
डायरी में लिखी बातों की भी जांच
परिजनों ने दावा किया है कि छात्रा की डायरी में भी कथित मानसिक प्रताडऩा और पढ़ाई से जुड़े दबाव का उल्लेख मिला है। पुलिस अब डायरी में लिखी बातों के साथ-साथ स्कूल में छात्रा के व्यवहार, शिक्षकों से उसके संबंध और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की भी जांच
पुलिस ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिवार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों में फ्रैक्चर का उल्लेख है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
बच्चों में तनाव के संकेतों पर ध्यान जरूरी
घटना ने बच्चों पर पढ़ाई और परीक्षा के दबाव तथा उनके साथ नियमित संवाद की जरूरत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक डर, तनाव, नींद या दिनचर्या में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। परिवार और स्कूल के बीच बेहतर संवाद से बच्चों को समय रहते भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है।

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