दिल्ली में जहरीली हवा पर बड़ा एक्शन, 1 नवंबर से निर्माण कार्यों पर रोक, दफ्तरों के टाइम में भी बड़ा फेरबदल

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नई दिल्ली ,29 सितंबर ,(आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम में घुटने वाले दमघोंटू प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से कड़े और बड़े फैसले ले लिए हैं। सरकार ने आगामी 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाली सभी तोड़-फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, जब प्रदूषण अपने चरम पर होता है, यानी 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच, पूरी दिल्ली में निर्माण और ध्वस्तीकरण के तमाम कार्यों पर ‘टोटल बैन’ रहेगा।
दफ्तरों में 50त्न वर्क फ्रॉम होम का फरमान
सडक़ों पर गाडिय़ों का दबाव और उससे निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के मकसद से सरकार ने दफ्तरों को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक सरकारी और निजी (प्राइवेट) दोनों क्षेत्रों के कार्यालयों में 50 फीसदी ‘वर्क फ्रॉम होम’ अनिवार्य रूप से लागू रहेगा। इसका मतलब यह है कि दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति आधी कर दी जाएगी; यानी 50 प्रतिशत स्टाफ घर से काम संभालेगा और बाकी 50 प्रतिशत ही ऑफिस आ सकेगा।
जाम से बचने के लिए एमसीडी और जीएनसीटीडी दफ्तरों के समय बदले
सडक़ों पर पीक आवर्स के दौरान लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से वायु गुणवत्ता और खराब न हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सरकारी कार्यालयों के समय में भी फेरबदल किया है। नई समय-सारिणी के अनुसार, दिल्ली नगर निगम के अधीन आने वाले कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होंगे। वहीं, दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले दफ्तर सुबह 10:00 बजे खुलेंगे और शाम 6:30 बजे बंद होंगे। अलग-अलग टाइमिंग लागू होने से सडक़ों पर एक साथ गाडिय़ों की भीड़ नहीं उमड़ेगी और प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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