भारत की सुरक्षा चिंताओं को लेकर अमेरिका गंभीर नहींज् रिश्तों पर पड़ता है असर’, विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान

Join Us

नई दिल्ली ,29 सितंबर ,(आरएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं और आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं के प्रति अमेरिका में पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं होना दोनों देशों के रिश्तों में जटिलता का एक प्रमुख कारण है। न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि व्यापार से जुड़े मतभेदों के साथ-साथ राज्य प्रायोजित आतंकवाद भी भारत-अमेरिका संबंधों के सामने एक अहम चुनौती है।
जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि भारत का एक पड़ोसी देश लंबे समय से आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के एक औजार के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है।
उन्होंने कहा, अगर कोई चीज हमारे लिए बेहद मायने रखती है और कोई सहयोगी देश हमारी उन चिंताओं के प्रति सहानुभूति नहीं रखता है तो इससे यकीनन समस्या पैदा होगी और संबंधों पर असर पड़ेगा। जयशंकर ने कहा कि किसी सहयोगी देश का भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझना महत्वपूर्ण है और इन चिंताओं के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं होने का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।
भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। जयशंकर की ताजा टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत अमेरिका के पाकिस्तान के साथ बढ़ते संपर्क को लेकर अपनी सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित कर रहा है।
जयशंकर के बयान में अमेरिका की ओर से भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता को लेकर चिंता जताई गई। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में बनी जटिलताओं में से एक के रूप में रखा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। जयशंकर ने हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की बातचीत में रूस से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और संभावित टैरिफ के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी। अमेरिकी कानून राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। भारत ने इस मुद्दे पर अपनी आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताएं अमेरिका के सामने रखी हैं।
जयशंकर की टिप्पणी से स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका संबंधों में रणनीतिक सहयोग के साथ सुरक्षा और व्यापार से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और भारत दोनों सार्वजनिक रूप से रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते रहे हैं, लेकिन आतंकवाद, पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संपर्क, रूस से तेल खरीद और टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं।

Previous articleआईएएस से इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल का सियासत में बड़ा कदम, बिना किसी पार्टी सिंबल के लड़ेंगी चुनाव
Next articleडिलीवरी ब्वॉय को 5 स्टार होटल ले गया कंटेंट क्रिएटर, गार्ड ने रोका तो दिया ऐसा जवाब कि जीत लिया दिल