तेंदुए ने किया हमला तो 10 साल के बच्चे ने दबा दिया उसका गला, जान बचाने के लिए दिखाई गजब की बहादुरी

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हल्द्वानी ,21 सितंबर ,(आरएनएस)। उत्तराखंड के हल्द्वानी में तेंदुए के जानलेवा हमले के दौरान 10 साल के एक मासूम द्वारा दिखाई गई असाधारण जांबाजी की हर तरफ सराहना हो रही है। घात लगाकर बैठे तेंदुए ने जब बच्चे पर झपट्टा मारा, तो मासूम घबराने के बजाय अपनी जान बचाने के लिए आदमखोर से भिड़ गया और दोनों हाथों से उसका गला जकड़ लिया। हमले में बच्चे के मुंह और पेट पर गंभीर घाव आए हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
दुकान जाते समय रास्ते में घात लगाकर बैठा था तेंदुआ
यह सनसनीखेज घटना शनिवार शाम करीब सवा सात बजे विजयपुर रतनपुर चकलुवा इलाके में घटी। प्रेम शंकर का 10 वर्षीय पुत्र अंश अपने 7 साल के साथी समर के साथ पास की एक दुकान से सामान लेने जा रहा था। रास्ते में अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक अंश पर सीधा हमला बोल दिया। तेंदुए के अचानक झपटने से इलाके में हडक़ंप मच गया।
दोनों हाथों से पकड़ लिया गला, शोर मचने पर भागा तेंदुआ
तेंदुए के हमले के बावजूद अंश ने हिम्मत नहीं हारी। उसने जोर-जोर से शोर मचाते हुए अपने दोनों हाथों से तेंदुए की गर्दन को मजबूती से पकड़ लिया और अंत तक नहीं छोड़ा। अंश की चीख-पुकार सुनकर पास के दुकानदार कुंदन टॉर्च लेकर मौके की ओर दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुए का एक पंजा बच्चे के मुंह पर और दूसरा पेट पर था, जबकि बच्चा अपनी पूरी ताकत से तेंदुए का गला दबाए हुए था। लोगों के शोर मचाते हुए दौडऩे पर तेंदुआ बच्चे को छोडक़र जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। रविवार को वन विभाग के डीएफओ ने बच्चे के घर पहुंचकर उसका हालचाल जाना।
दिनेशपुर में खेलते-खेलते तालाब में गिरी दो साल की बच्ची, डूबने से मौत
उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर से भी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां परिजनों के साथ मामा के घर घूमने आई दो साल की मासूम बच्ची की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बाजपुर निवासी गौरांग की दो वर्षीय बेटी खुशी रविवार शाम खटोला स्थित अपने मामा के घर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। देर शाम तालाब के किनारे बच्ची की चप्पल दिखने पर अनहोनी की आशंका हुई। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को तालाब से बाहर निकाला, जहां जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इसे हादसा मानते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

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