नई दिल्ली (आरएनएस)। भारतीय युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ राज्यों के 215 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पदाधिकारियों पर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन की महारैली में अनुपस्थित रहने का आरोप है। निलंबन के आदेश तीन नवंबर को जारी किए गए हैं और ये अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
युवा कांग्रेस ने इस रैली में पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया था। इसके तहत विशेष मोबाइल अनुप्रयोग, वास्तविक समय में स्थान साझा करने की व्यवस्था और बारकोड जांच प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों को रैली में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए थे।
उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार किए गए विशेष मोबाइल अनुप्रयोग पर पदाधिकारियों को अपना वास्तविक समय का स्थान, समय और अन्य आवश्यक जानकारियां साझा करनी थीं। इसके अलावा दिल्ली के मिंटो रोड पर बारकोड जांच केंद्र बनाए गए थे। जो पदाधिकारी अनुप्रयोग पर पंजीकरण कराने या बारकोड की जांच कराने में विफल रहे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
निलंबन की इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। गुजरात में 49 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें अहमदाबाद, अमरेली, आनंद, अरावली, गांधीनगर और जूनागढ़ के जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं।
इसी तरह झारखंड के 32, पश्चिम बंगाल के 26, तेलंगाना के 14, हिमाचल प्रदेश के 13, उत्तर प्रदेश के 11 और हरियाणा के 10 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।
गौरतलब है कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की महारैली आयोजित की गई थी। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित की गई थी। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और गड़बडिय़ों के आरोप लगाए हैं।
इस रैली को पिछले कुछ वर्षों में विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया। दिल्ली में निषेधाज्ञा लागू होने, इंटरनेट पर पाबंदियों और मेट्रो सेवाएं बंद होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए थे।
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