देशभर में बढ़ेगा बारिश का दौर, उत्तराखंड-हिमाचल में अचानक बाढ़ का खतरा

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नई दिल्ली  (आरएनएस)। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढऩे की संभावना है। पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मध्य, उत्तरी और पूर्वी भारत में व्यापक बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार गंगा के मैदानी इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र पहले पश्चिमी झारखंड और उसके बाद दक्षिणी उत्तर प्रदेश तथा उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इस मौसम तंत्र और संबंधित वायुमंडलीय परिसंचरण के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में मध्य, उत्तरी और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 2 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने हिमालयी जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा अन्य स्थानों के लिए अचानक बाढ़ के कम से मध्यम जोखिम की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी को जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। हिमाचल प्रदेश में सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में भी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। निचले इलाकों में पानी के तेज बहाव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली और हरियाणा में 2 सितंबर को बारिश हो सकती है। वहीं, 3 और 4 सितंबर को हरियाणा तथा चंडीगढ़ में व्यापक बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में भी बारिश का प्रभाव व्यापक रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 8 सितंबर के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 2 से 5 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 2 से 4 सितंबर तक बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमालय की तराई वाले पश्चिम बंगाल और सिक्किम में काफी अधिक बारिश हो सकती है।

गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 2 और 3 सितंबर को बारिश की संभावना है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। खराब मौसम के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

2 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की सामान्य गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में अच्छी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पुडुचेरी में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान लोगों को खुले स्थानों तथा जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली कडक़ने के दौरान विद्युत उपकरणों को बिजली के संपर्क से अलग करने को कहा गया है।

पर्यटन और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए नियंत्रित करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से अचानक बाढ़ की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। किसानों से खड़ी फसलों को सुरक्षित रखने तथा बागवानी फसलों, पौधों और सब्जियों को तेज हवाओं से बचाने के लिए उन्हें उचित सहारा देने को कहा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।

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