धार्मिक मामलों को अदालत में विवाद का मुद्दा बनाने के बजाय स्थानीय स्तर पर सुलझाया जाए : मायावती

Join Us

लखनऊ, (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने धार्मिक मामलों को लेकर बढ़ते विवादों के बीच सभी पक्षों से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ, धार्मिक प्रचलन और मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर टीका-टिप्पणी से बचना देश और जनहित में होगा। साथ ही उन्होंने महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और पर्दे से जुड़े मामलों को भी संवेदनशीलता के साथ देखने की बात कही। मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार चार पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर और हिजाब पहनने जैसे मामलों को ज्यादा तूल देकर अदालत-कचहरी में विवाद का कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन तथा शासन-प्रशासन की आपसी समझ और सूझबूझ से सुलझाया जाना चाहिए। बसपा प्रमुख ने अपनी पार्टी को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकरवादी बताते हुए कहा कि सभी धर्मों और उनकी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारन्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत सभी धर्मों के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शान्त एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है, जिसकी अनदेखी करने व उसमें दखल देने के बजाय सभी को उसकी पवित्रता का सम्मान करना चाहिये।
उन्होंने आगे लिखा कि इस क्रम में महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के जरिए अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहाँ तक स्कूलों में यूनिफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहनने का मामला है, तो इन मामलों को ज़्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबन्धन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौका ना मिल पाये।
मायावती ने कहा कि बी.एस.पी. सर्वसमाज के सम्मान व उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारन्टी वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है और यही मानना है कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ व धार्मिक प्रचलन/मान्यताओं के संवेदनशील मामलों पर सभी लोग टीका-टिप्पणी करने से बचें तो यह देश व जनहित में होगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, यूपी के जि़ला बदायूँ में भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद व तनाव की स्थिति को शासन-प्रशासन तुरन्त इसका शान्तिपूर्ण व उचित समाधान निकाले तो यह उचित होगा।

Previous articleजेपीएनआईसी निजी हाथों में देने पर अखिलेश की तीखी टिप्पणी, बोले- अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा
Next articleदिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने एनसीआर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई, जारी की एडवाइजरी