कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट पर महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने तीखा जवाब दिया है। डॉ. उइके ने कहा कि राहुल गांधी , आप जब भी आते हो, देर करते हो। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल पूछने से पहले जरा अपने गिरेबान में झांक लिया होता।मंत्री उइके ने कहा कि जिस दिन राहुल गांधी महाराष्ट्र आए और पेड पीआर प्रोग्राम किया, उसी दिन प्रोग्राम से पहले ही नागपुर और चंद्रपुर के आदिवासी छात्रों ने अपना अनशन वापस ले लिया था। शायद प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने उन्हें गुमराह करने के लिए सही जानकारी नहीं दी होगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की कितनी भी लॉन्चिंग कर ली जाए, उन्हें फेल ही होना है, लेकिन छात्रों की मांग पर सरकार ने उम्र सीमा को 30 वर्ष कर दिया है।
उन्होंने छात्राओं के फिटनेस सर्टिफिकेट और गर्भावस्था जांच के आरोपों को सिरे से खारिज किया। डॉ. उइके ने स्पष्ट किया कि जब कोई विद्यार्थी एक महीने की छुट्टी पर जाता है, तो उसके स्वास्थ्य के लिए ही फिटनेस प्रमाणपत्र मांगा जाता है। गर्भावस्था की जांच की बात सरासर झूठी है, ऐसी कोई टेस्ट नहीं होती है।
सर्पदंश और आश्रमशालाओं में असुविधाओं की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि जहां सर्पदंश की घटना हुई या जहां शिकायतें आ रही हैं, वह आश्रमशालाएं कांग्रेस के ही पूर्व सांसद मारोतराव कोवासे और पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. वसंत पुरके जैसी हस्तियों की हैं। ये सभी कांग्रेसी नेता हैं। उन्होंने कहा कि चिंता करने की जरूरत नहीं है, महाराष्ट्र का छात्र चाहे किसी भी समाज का हो, उसे सारी सुविधाएं देने के लिए राज्य की महायुति सरकार सक्षम है और उचित कदम उठा रही है। सफाई का काम जारी है और जारी रहेगा। डॉ. उइके ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे जरा झारखंड, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और केरल में भी अपनी पर्यटन यात्रा बढ़ाएं, जहां कांग्रेस की सरकारें हैं। वहां की आदिवासी आश्रमशालाओं की स्थिति देखनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार छात्रों के हित में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।








