नागपुर (आरएनएस)। केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा और भाजपा संगठन में बड़े फेदबदल के बीच केंद्रीय सडक़ और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर सकते हैं, अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आना चाहिए। हालांकि, गडकरी के बयान के बाद उनके कार्यालय ने मामले पर स्पष्टीकरण दिया है।गडकरी ने कार्यक्रम में मराठी भाषा में कहा, इन दिनों मैं उतना काम नहीं कर पाता। जब मैं कर सकता था, तब करता था। अब मेरी भागीदारी कम हो गई है। काम नई पीढ़ी को सौंप देना चाहिए। एक नई पीढ़ी आ चुकी है और पुरानी पीढ़ी उनका मार्गदर्शन कर रही है।उन्होंने कहा, मैं पिछले 30 वर्षों से लगातार सार्वजनिक जीवन में कार्यरत हूं। मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
गडकरी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कयास लगने लगे की वह मंत्रालय से विदाई ले सकते हैं।
इस पर गडकरी के कार्यालय ने बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया कि गडकरी लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे थे, जो उनके द्वारा स्थापित है और आदिवासी क्षेत्रों में एकल-शिक्षक विद्यालय चलाता है।
कार्यालय ने कहा कि उनके भाषण का संदर्भ राजनीति या भाजपा नेतृत्व में किसी संभावित परिवर्तन से कोई संबंध नहीं था।
गडकरी पिछले दिनों तब विवादों में घिर गए, जब इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर एक आंदोलन छिड़ गया और इसके लिए लोग गडकरी की नीतियों को दोषी ठहराने लगे।
दरअसल, इथेनॉल और पेट्रोल का मामला पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़ा है, लेकिन गडकरी का इस संबंध में बयान देने और उनके बेटे के इथेनॉल कारोबार से लोग उनको जोड़ रहे हैं।
बता दें, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से लोगों की गाडिय़ां खराब होने का दावा किया जा रहा है।
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