नई दिल्ली,(आरएनएस)। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इन दिनों जुकाम, खांसी और इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण तेजी से फैल रहे हैं। हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि क्षेत्र के आधे से अधिक घरों में कम से कम एक सदस्य बीमारी की चपेट में है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में करीब 32 हजार लोगों पर किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 23 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनके घर में चार या उससे अधिक सदस्य अस्वस्थ हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, घरों के भीतर एक से अधिक लोगों के बीमार होने से संक्रमण के पारिवारिक स्तर पर फैलने की आशंका बढ़ गई है। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब एच1एन1 संक्रमण के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
दिल्ली में 20 अगस्त को इन्फ्लुएंजा के 159 नए मामले सामने आए। इनमें 114 मामले एच1एन1 संक्रमण के थे। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू के कुल 1,777 मामले सामने आ चुके हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अभी तक सामने आए मामलों में किसी मरीज को गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती करने या कृत्रिम श्वसन यंत्र की आवश्यकता नहीं पड़ी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार, वर्तमान संक्रमण किसी नए विषाणु रूप के कारण नहीं है।यह वही ए प्रकार का एच1एन1 पीडीएम09 रूप है, जो वर्ष 2025 से लोगों के बीच फैल रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकांश संक्रमित लोग बिना किसी विशेष उपचार के स्वयं स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीडि़त लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लक्षण गंभीर होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की भी अपील की गई है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों को जुकाम, खांसी और इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जांच और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल के कर्मचारियों को गंभीर संक्रमण के संकेतों की जल्द पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इसके अलावा पूरे दिल्ली-एनसीआर में उपचार और संक्रमण से बचाव से संबंधित तकनीकी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
चिकित्सकों का मानना है कि इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीके के प्रति लोगों में कम रुचि भी संक्रमण के मामलों में वृद्धि का एक कारण हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और संक्रमण से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, आवश्यकता पडऩे पर मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों की नियमित सफाई रखने की सलाह दी है। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को ढकने तथा बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचने की भी सलाह दी गई है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के मामले में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।








