निज्जर हत्याकांड पर बड़ा खुलासा, गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी; लीक ऑडियो में बताई कत्ल की असली वजह

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नई दिल्ली, (आरएनएस)। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। जिस हत्याकांड को लेकर कनाडा और भारत के बीच राजनयिक संबंधों में भारी खटास आ गई थी, उसकी जिम्मेदारी अब कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी नेटवर्क को संभालने वाले गोल्डी बराड़ ने एक लीक ऑडियो में दावा किया है कि निज्जर का कत्ल किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी टीम ने किया था। बराड़ ने हत्या के पीछे की जो वजह बताई है, उसने कनाडाई सियासत और सुरक्षा एजेंसियों में भूचाल ला दिया है।
ड्रग्स का धंधा और ब्लैकमेलिंग बनी मौत की वजह
खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा के साथ हुई एक कथित बातचीत में गोल्डी बराड़ ने इस हत्याकांड के पीछे की असली कहानी बयां की है। बराड़ का कहना है कि निज्जर कनाडा में युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वालों का सबसे बड़ा समर्थक था। आरोप है कि निज्जर भोले-भाले युवाओं को ब्लैकमेल कर ड्रग्स बेचने और मुखबिर बनने पर मजबूर कर रहा था। बराड़ के मुताबिक, निज्जर ऐसे लोगों का नेटवर्क मजबूत कर रहा था ताकि सही समय आने पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए उनका इस्तेमाल कर सके। युवाओं की इस बर्बादी को रोकने के लिए ही उसे मौत के घाट उतारा गया।
गुरुद्वारे में क्यों नहीं किया गया हमला?
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने इस बात का भी खुलासा किया कि उसने निज्जर को गुरुद्वारे के अंदर क्यों नहीं मारा। बराड़ का कहना है कि गुरुद्वारा ‘गुरु का घर’ है और उसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए ही हमलावरों ने निज्जर के बाहर आने का इंतजार किया। उसने यह भी दावा किया कि अगर उस दिन निज्जर की गाड़ी में एक अन्य कुख्यात आतंकी अर्श डल्ला भी मौजूद होता, तो आज वह भी जिंदा नहीं बचता। बता दें कि 2023 में गुरुद्वारे के बाहर घात लगाए बैठे हमलावरों ने निज्जर पर 50 राउंड फायरिंग की थी, जिनमें से 34 गोलियां उसके शरीर को छलनी कर गई थीं।
बेनकाब हुए जस्टिन ट्रूडो, अब सुधर रहे भारत-कनाडा के रिश्ते
निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बिना किसी सबूत के भारत सरकार पर बेबुनियाद आरोप मढ़ दिए थे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते अपने सबसे खराब दौर में पहुंच गए थे। भारत ने शुरू से ही इन आरोपों को मनगढ़ंत बताकर खारिज किया था और कहा था कि कनाडा की धरती पर खालिस्तानियों को पनाह दी जा रही है। हालांकि, जस्टिन ट्रूडो के सत्ता से हटने और नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के कमान संभालने के बाद अब दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही है। हाल ही में कनाडाई अधिकारियों (क्रष्टरूक्क) ने भी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि निज्जर हत्याकांड में भारत की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के निशाने पर गोल्डी बराड़
लॉरेंस बिश्नोई जहां 2015 से भारत की जेल में बंद है, वहीं गोल्डी बराड़ कनाडा में बैठकर इस गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी भारत का मोस्ट वांटेड गोल्डी बराड़ अब वैश्विक जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुका है। अमेरिका ने पिछले ही महीने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। गोल्डी बराड़ के इस नए और सनसनीखेज कबूलनामे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह हत्याकांड भारत सरकार की नहीं, बल्कि आपराधिक गुटों की आपसी रंजिश का नतीजा था।

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