नई दिल्ली, (आरएनएस)। देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। इसके चलते जहां कुछ राज्यों में उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण हुआ है। इसके अलावा मानसून की द्रोणिका भी इसी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। यह द्रोणिका फिरोजपुर और मेरठ से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढऩे की संभावना है। उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सडक़ बाधित होने और अन्य समस्याओं का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन ने भी कहा है कि यदि परिस्थितियां असुरक्षित होती हैं तो लोगों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।केरल में मानसून का प्रभाव बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में भी खराब मौसम और ऊंची लहरों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। बाढ़ और समुद्र में ऊंची लहरों के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में सप्ताहभर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय कर्नाटक में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आने की आशंका है। मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। कुछ समय धूप निकलने के साथ ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश और बादलों के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, शहर की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।
उमस और बदलते मौसम के बीच दिल्ली-एनसीआर तथा देश के कुछ अन्य हिस्सों में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू और सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी की बात सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में अगस्त की शुरुआत तक एच1एन1 के 1,344 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 229 मामले सामने आए थे। इस तरह मामलों में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम में लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इससे साफ है कि मानसून के सक्रिय रहने के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और भारी बारिश, आंधी या समुद्र में खराब मौसम की स्थिति में प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।








