‘शायद ज्यादा दिन जिंदा न रह पाऊं..’, रांची में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता ने सरकार पर लगाया आरोप

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नई दिल्ली(ए)। रांची में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन के 23वें दिन छात्र नेता प्रेम नायक ने सरकार पर अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति बिगडऩे को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। प्रेम नायक ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को 23 दिन हो चुके हैं, जबकि भूख हड़ताल का यह 13वां दिन है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से अब तक छात्रों की मांगों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई है। प्रेम नायक के मुताबिक, पिछले दिन से उन्हें बुखार है और उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है। इलाज के लिए ले जाने की कोशिश किए जाने के बावजूद उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।उन्होंने आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया। प्रेम नायक ने कहा कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को भी वहां से ले जाया गया है और उन्हें वापस आंदोलन में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव के प्रस्ताव को लेकर प्रेम नायक ने कहा कि छात्रों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है और अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव के बजाय जेल भरो आंदोलन को भी विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है।प्रेम नायक ने यह भी कहा कि जरूरत पडऩे पर स्कूल और कॉलेज बंद कराने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को बड़े आंदोलन की तैयारी की है। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में जेपीएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा और जेपीएससी-सीजीएल सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराना शामिल है छात्र इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रों के हित में जल्द निर्णय लिया जाए।

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