मध्य भारत में आंधी-तूफान चलने की संभावना

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नई दिल्ली, (आरएनएस)। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार, 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, बुधवार को पूर्वी राजस्थान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे बढ़ रही है। इससे मानसून के धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों से लौटने का संकेत मिल रहा है। इसी बीच कई क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की संभावना है।मध्य भारत में बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में बुधवार को तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में संबंधित अवधि के दौरान आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। बुधवार को गंगा के मैदानी क्षेत्र वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अक्टूबर की शुरुआत तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
झारखंड में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, जबकि बिहार में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। बिहार के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में बुधवार को मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार म्यांमार, आसपास की बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश के ऊपर बना दबाव कमजोर होकर उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास एक स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है।
यह मौसम प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश के आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और कमजोर होने की संभावना है।
बुधवार को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 2 से 4 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी बुधवार को बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मराठवाड़ा में बुधवार को बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में आंधी-तूफान तथा आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। बुधवार को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
केरल और माहे में 1 से 6 अक्टूबर के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने तथा झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।
आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर को देशभर में मौसम अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश जारी रहने का अनुमान है। वहीं, मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। मानसून की वापसी के बीच स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर बने रहने की संभावना है।

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