अंडमान-निकोबार में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुरू किया ‘हर घर तिरंगा अभियान’

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कहा- अंडमान-निकोबार बलिदान की पवित्र भूमि और स्वतंत्रता संग्राम का शाश्वत प्रतीक; ‘भारत एक है और हमेशा एक रहेगा’
श्री विजयपुरम ,(आरएनएस)। अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का शुभारंभ किया। उन्होंने श्री विजयपुरम स्थित ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराया और डीबीआरएटी सभागार में आयोजित राजकीय समारोह एवं तिरंगा संगीत कार्यक्रम को संबोधित किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरुआत के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से अधिक उपयुक्त स्थान कोई दूसरा नहीं हो सकता। ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रत्येक नागरिक को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा भविष्य की भावना के साथ जोड़ता है।
सावरकर समेत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
श्री राधाकृष्णन ने अंडमान-निकोबार को केवल भारत का भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदानों की पवित्र भूमि बताया। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेलुलर जेल में अमानवीय यातनाएं सहने वाले असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन वीरों का साहस, देशभक्ति और बलिदान आने वाली पीढिय़ों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान ने लाखों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए जागृत किया और आंदोलन को निर्णायक गति प्रदान की।
नेताजी ने यहीं फहराया था तिरंगा
उपराष्ट्रपति ने अंडमान-निकोबार के तिरंगे के इतिहास में विशेष स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहीं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अध्याय है।
महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के विचारों का उल्लेख करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा मनाया गया ‘मणि कोडी’ उत्सव भारतीय भावना के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाता है।
‘भारत एक है और हमेशा एक रहेगा’
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बन चुका है। उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से तिरंगे को गर्व के साथ फहराने और देशभक्ति, एकता तथा सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने दृढ़ता से कहा, “भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण हैं द्वीप
श्री राधाकृष्णन ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने द्वीपों की समृद्ध आदिवासी विरासत की सराहना करते हुए संपर्क व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, संपर्क व्यवस्था और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।
राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा जरूरी
भारत की शांति और उदारता की परंपरा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत हमेशा से उदार रहा है, लेकिन देश की उदारता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए देश को हमेशा तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से तिरंगे से प्रेरणा लेकर साहस, एकता और आशा का संचार करने तथा स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का किया दौरा
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया। प्रदर्शनी में अभियान की भावना के साथ राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव चंचल यादव, श्री विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंता और जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उमर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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