झारखंड प्रदर्शन: एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की तबीयत बिगड़ी

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रांची, (आरएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा रद्द करने तथा जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के कार्यकर्ता विधानसभा घेराव के लिए निकले। इस दौरान आइसा की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने स्याही फेंक दी। पुलिस ने आरोपी युवक को तत्काल हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ा हुआ है। इधर, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें रांची जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के विनय मेहता ने बताया कि राहुल पिछले चार दिनों से केवल पानी के सहारे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।स्याही फेंकने की घटना के बाद नेहा बोरा ने कहा कि वह इस तरह की हरकतों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान वह पेलेट गन और लाठीचार्ज का सामना कर चुकी हैं। उनका कहना था कि स्याही फेंककर देशभर के छात्रों और युवाओं के गुस्से को दबाया नहीं जा सकता।आंदोलन के बीच राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। छात्रों का आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक उनकी मांगों पर औपचारिक बातचीत के लिए कोई निमंत्रण नहीं दिया गया। दूसरी ओर, सरकार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता के शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह केवल छात्रों से ही बातचीत करेगी।
गुरुवार देर रात लगभग 45 मिनट तक चली वार्ता भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से दूरभाष पर बातचीत कर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि प्रत्येक सरकार को छात्रों की बात गंभीरता से सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ ने सरकार पर आंदोलन को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से केवल बातचीत का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कुर्बानी भी देनी पड़े तो छात्र इसके लिए तैयार हैं। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें धांधली और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह असंभव हो जाएं।
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