सीजेपी प्रदर्शन में बड़े आतंकी हमले की थी योजना, आईएसआई से जुड़े 2 मॉड्यूल का भंडाफोड़

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नईदिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की पाकिस्तान की खौफनाक साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सीधे जुड़े 2 बड़े आतंकी मॉड्यूल्स का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 4 नाबालिगों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पंजाब पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का पहला मॉड्यूल अमृतसर के राजासांसी इलाके से पकड़ा गया। इस मॉड्यूल में सुखमन सिंह (19) और उसके 3 नाबालिग साथी शामिल थे।इसी तरह दूसरे मोड्यूल का मुख्य आरोपी मोखमपुरा निवासी वंश कुमार (19) है और उसका एक नाबालिग साथी भी हैं।ये सभी सीमा पार बैठे अपने हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहे थे। उनके कब्जे से पेट्रोल बम, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अशांति फैलाने के लिए विस्फोटक उपकरण तैयार करने और इस्तेमाल करने के निर्देश मिले थे।
वंश कुमार का मॉड्यूल जासूसी और रेकी से जुड़ा था। अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास रेलवे ट्रैक के एक पोल पर एक संदिग्ध सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ मिला था।
आरोपी रेलवे ट्रैक और संवेदनशील बुनियादी ढांचों पर गुप्त कैमरे लगाकर ट्रेनों की आवाजाही और कई खुफिया वीडियो सीमा पार भेजे जा रहे थे।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल कुछ व्यक्ति आर्थिक लालच के कारण इन गतिविधियों से जुड़े थे।
इस पूरे नेटवर्क को कथित रूप से हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी अनमोल सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है।
इसके अलावा, जेल में बंद अन्य संदिग्धों को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और साजिश की गहरी कडिय़ों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के तार पाकिस्तानी सरजमीं से काम कर रहे गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जोडक़र देख रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इससे पहले कोलकाता विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा पकड़े गए एक अन्य मॉड्यूल के कुछ सदस्य भी कथित तौर पर जंतर-मंतर पहुंचने वाले थे और वे भी शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों के संपर्क में थे।
यह गिरोह आपस में और विदेशी आकाओं से संपर्क के लिए कई सक्रिय व्हाट्सऐप नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में वंश, सुखमन और हरमन के अलावा सुखदेव सिंह (30) और अनमोल सिंह (20) भी शामिल हैं। इसी तरह 4 नाबालिग भी हिरासत में हैं।
पुलिस अब पाकिस्तान स्थित हैंडलरों, संभावित फंडिंग चैनलों, उत्तर प्रदेश के संदिग्ध संपर्कों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं तथा मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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