असम में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही; 82 लोगों की मौत, लगभग 1.93 लाख लोग प्रभावित
नई दिल्ली (आरएनएस)। देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल और असम से लेकर ओडिशा तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, जबकि लाखों नागरिक बाढ़ की चपेट में हैं। कई राज्यों में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढक़र 82 हो गई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलस्तर घटा है, फिर भी राज्य के लगभग 1.93 लाख लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार और विभिन्न राहत एजेंसियों द्वारा प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी हैं। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है।
केरल में लगातार हो रही भारी वर्षा से हालात गंभीर बने हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वर्षा से जुड़ी घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य लापता हैं। राज्य सरकार, विभिन्न एजेंसियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों की मदद से खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित लोगों के लिए 65 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 1,465 लोगों को आश्रय दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार वर्षा के कारण 17 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 127 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है।मौसम विभाग के अनुसार कोझिकोड जिले के अनाक्कम्पोयिल क्षेत्र में 35 घंटों के दौरान 340 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि वायनाड जिले के मेप्पाडी में इसी अवधि में 177 मिलीमीटर वर्षा हुई।ओडिशा में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 20 जिलों में 8.34 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। महानदी सहित सालंदी, ब्राह्मणी, बैतरणी, जलका और बुढ़ाबलंग नदियों के उफान के कारण निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया है। से सडक़, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जबकि बड़ी मात्रा में कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है।उत्तरी ओडिशा में 1,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान भद्रक जिले में हुआ है, जबकि जाजपुर, बालासोर और मयूरभंज जिले भी गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
प्रशासन ने महानदी के निचले क्षेत्रों में स्थित 10 जिलों में उच्च सतर्कता घोषित कर दी है। हीराकुंड बांध के 22 द्वारों से लगातार अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के अनुसार उच्च सतर्कता वाले जिलों में अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबर्णपुर, नयागढ़, कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा शामिल हैं। प्रशासन विशेष रूप से महानदी डेल्टा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।
सभी प्रभावित राज्यों में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आपदा राहत दल, स्थानीय प्रशासन तथा स्वयंसेवी संगठन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी रहने की आशंका व्यक्त की जा रही है।








