संसद में ‘पुजारी’ बनकर बुरे फंसे पप्पू यादव, रामलला के अपमान पर एफआईआर दर्ज; स्पीकर भी हुए सख्त

Join Us

नई दिल्ली ,01 अगस्त ,(आरएनएस)। पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का संसद परिसर में किया गया अनोखा प्रदर्शन अब उनके ही गले की फांस बन गया है। राम मंदिर निर्माण के चंदे में कथित गबन का विरोध जताने के लिए उन्होंने जो ‘नुक्कड़ नाटक’ किया, उसने एक बड़े सियासी और कानूनी विवाद को जन्म दे दिया है। प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है। इस पूरे ड्रामे के बाद अब लोकसभा सचिवालय भी सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है।
धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर आरोप
पप्पू यादव के खिलाफ यह शिकायत सूर्य मैथिल नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संसद परिसर के बाहर हुए इस नाटकीय प्रदर्शन में भगवान रामलला विराजमान की तस्वीर को पैरों के नीचे रखा गया, जिससे देशभर के सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाएं गहरी तरह से आहत हुई हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि पप्पू यादव के इस विवादित प्रदर्शन को राहुल गांधी, डिंपल यादव और अवधेश प्रसाद सहित ‘इंडी’ गठबंधन के कई बड़े सांसदों का मूक समर्थन हासिल था।
संसद में चला ‘चंदा चोर’ का अनोखा नुक्कड़ नाटक
दरअसल, शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पप्पू यादव पूरी तरह से एक मंदिर के पुजारी की वेशभूषा (भगवा वस्त्र) में नजर आए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी। इस नुक्कड़ नाटक में अन्य विपक्षी सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका निभा रहे थे, जो दान पात्र में पैसे डालते दिखे। वहीं पुजारी बने पप्पू यादव प्रतीकात्मक रूप से उस चंदे के पैसे को अपनी जेब में रखते हुए नजर आए। इस दौरान ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ और ‘अमित शाह, सदन में आओ’ जैसे जोरदार नारे भी लगाए गए। बाद में एक श्रद्धालु बने सपा सांसद ने इस ‘गबन’ पर आपत्ति जताकर नाटक का समापन किया।
स्पीकर ओम बिरला नाराज, अब नहीं चलेंगे ऐसे ड्रामे
लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में हुए इस तरह के वेशभूषा आधारित ड्रामे को लेकर लोकसभा सचिवालय ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सचिवालय की ओर से यह स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि भविष्य में संसद परिसर के अंदर ऐसे किसी भी नाटकीय या स्वांग रचने वाले प्रदर्शन की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। इसके लिए संसद के मौजूदा दिशा-निर्देशों को और अधिक सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि सदन और परिसर की गरिमा बरकरार रहे।

Previous articleधार में ऐतिहासिक भोजशाला के पीछे वाली जमीन पर मुस्लिम समाज ने अदा की जुमे की नमाज
Next articleरास्ते में खत्म हो गई एंबुलेंस की ऑक्सीजन, मां की गोद में तड़प-तड़प कर निकल गई 21 वर्षीय बेटे की जान