नईदिल्ली(आरएनएस)। केंद्र सरकार दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बीच कंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना चाहती थी, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) इसके लिए तैयार नहीं थी।रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान के इस्तीफा सौंपने से पहले सरकार ने सीजेपी के साथ समझौता करने के लिए प्रधान के मंत्रालय में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सीजेपी के पदाधिकारियों से बातचीत कर रहे थे।रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों ने सीजेपी पदाधिकारियों से कहा था कि कैबिनेट में फेरबदल करना प्रधानमंत्री क ा विशेषाधिकार है, जिसमें शिक्षा मंत्री किसी और को नियुक्त किया जा सकता है।
सीजेपी पदाधिकारियों को बताया गया कि मुआवजे और एफआईआर वापस लेने की मांग मान ली गई है, तो ऐसे में प्रधान के इस्तीफे की मांग छोडऩे के लिए दबाव बनाया गया।
इससे बातचीत में गतिरोध भी उत्पन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों के अड़े रहने के कारण सरकार को झुकना पड़ा।
देशभर में विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी, जिसके बाद 36 दिन से चल रहा छात्रों का प्रदर्शन भी समाप्त हो गया।
हालांकि, सोमवार को संसद के मानसून सत्र का दूसरा हफ्ता शुरू होने पर प्रधान का संसद परिसर में एनडीए के सांसदों ने बिहार की पारंपरिक टोपी पाग पहनाकर स्वागत किया, जिसकी आलोचना की गई।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रधान को भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया।
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