भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों ने आज दिल्ली कूच का आह्वान किया है। किसानों के मार्च को देखते हुए हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की है, ताकि किसान जत्थों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
किसानों ने दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसे देखते हुए घग्गर पुल पर भी बड़े स्तर पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन ने दिल्ली की ओर बढऩे वाले किसान जत्थों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए हैं। मौके पर जेसीबी और क्रेन जैसी भारी मशीनें भी लगाई गई हैं। हालांकि, फिलहाल नेशनल हाईवे-44 को बंद नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली पहुंचकर ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित रैली में शामिल होंगे।
पंढेर का कहना है कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत सस्ते कृषि उत्पादों के आयात की अनुमति दी गई, तो इसका सीधा असर किसानों, खेतिहर मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और देश की कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते का प्रभाव केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और सेवा क्षेत्र भी इससे प्रभावित होंगे।
इस बीच पंजाब के कई किसान संगठनों ने भी प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इसे रद्द करने और किसानों व आम लोगों के हितों की रक्षा करने की मांग की है। किसानों के दिल्ली कूच के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।








