नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर,(आरएनएस)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अभिजीत दीपके की प्रस्तावित भूख हड़ताल को लेकर उनके परिवार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रह रहे उनके माता-पिता ने बेटे की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनकी बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, अभिजीत ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से सोनम वांगचुक को हटा दिया है और प्रदर्शनकारियों को भी शांत रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और ऐसी स्थिति में पुलिस कार्रवाई उचित नहीं लगती। उनका कहना है कि सरकार चाहती तो बातचीत के जरिए समाधान निकाल सकती थी।भगवानराव दीपके ने बताया कि उनका बेटा भूख हड़ताल शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि अभिजीत माइग्रेन सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और लंबे समय तक बिना भोजन के रहना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पडऩे पर वह स्वयं दिल्ली जाकर आंदोलन में शामिल होंगे। अभिजीत की मां अनीता दीपके ने भी बेटे की सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अभिजीत पिछले एक महीने से आंदोलन में सक्रिय हैं और पहले ही परिवार को बता चुके थे कि 20 जुलाई के बाद ही घर लौटेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि यदि उनके बेटे के खिलाफ भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की गई तो परिवार के लिए स्थिति और अधिक कठिन हो जाएगी।
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोशल मीडिया के माध्यम से एक अभियान शुरू किया था। इसके बाद वे भारत लौटे और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल हुए। आंदोलनकारी परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित पेपर लीक के मामलों पर कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की मांग कर रहे हैं








