दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई संवाद नहीं हो रहा है। राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में हुई अनियमितता और पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ती जा रही है। उन्होंने बुधवार देर रात एक वीडियो संदेश में कहा कि उनकी हालत बहुत अच्छी नहीं, लेकिन बहुत बुरी भी नहीं है।
पर्यावरण कार्यकर्ता वांगचुक ने वीडियो संदेश में कहा कि लोग उनसे अनशन तोडऩे के लिए कह रहे हैं, लेकिन उनकी हालत अभी ठीक है और वह इसे नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि उनका अनशन तुड़वाने की जगह 20 जुलाई को संसद तक शांति मार्च का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों।
वांगचुक ने बताया कि उनको कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट अभी सही है।
नीट पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे वांचचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू किया है।
वे जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। सीजेपी कई दिनों से शिक्षा मंक्षी की इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही है।
समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने उनसे अनशन तोडऩे की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा दिख रहा है।








