महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में शिवसेना के दोनों गुटों (यूबीटी बनाम शिंदे गुट) के बीच जारी टकराव और तेज हो गया है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद से कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। इसी तनाव के बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे जब नांदेड़ पहुंचे, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। डॉ. श्रीकांत शिंदे यहां पाला बदलने वाले स्थानीय सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर के निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर आए थे।
उद्धव ठाकरे ने फोन पर थपथपाई कार्यकर्ताओं की पीठ
काले झंडे दिखाए जाने और शिवसैनिकों की गिरफ्तारी की भनक लगते ही शिवसेना (क्चञ्ज) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने नांदेड़ के ग्रामीण जिला प्रमुख ज्योतिबा खराटे को सीधे फोन मिलाया और पुलिस हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का हालचाल जाना। ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि जब तक उनके पास ऐसे वफादार शिवसैनिक हैं, तब तक पार्टी को कोई डिगा नहीं सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हरसंभव मदद का भरोसा दिया और जल्द ही किनवट का दौरा करने का संकेत भी दिया। इस फोन कॉल के बाद उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा जा रहा है








