जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस) ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदी को हटा दिया है। शुक्रवार को घोषित यह निर्णय भारतीय नाविकों वाले व्यापारिक जहाजों से जुड़ी कई सुरक्षा घटनाओं के बाद लिया गया है। डीजीएस ने कहा कि भारतीय जहाज मालिकों और नियुक्ति सेवा लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों के लिए इस क्षेत्र में संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते वे स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।
समुद्री मामलों के महानिदेशक (डीजीएस) ने समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को सतर्क रहने और नौवहन संबंधी चेतावनियों पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी है। यह सलाह अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद दी गई है, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैनय ठिकानों पर हमले किए। डीजीएस अब विभिन्न भारतीय मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है।
इससे पहले 13 जून को ओमान के तट पर एमटी सेट्टेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद, डीजीएस ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की आवाजाही और नाविकों की तैनाती पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें जहाज के कप्तानों को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और जहाज की सुरक्षा के सभी लागू उपायों को अपनाने की भी सलाह दी गई थी। इसमें तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया था।








