पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए-नए दावे सामने आए हैं। अब केतन के शव को खाई से बाहर निकालने वाले बचावकर्मी ने बताया कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं और खोपड़ी कुचली हुई थी। बचावकर्मी का दावा है कि हाथ-पैर पर भी कई जगह चोट थीं। वहीं, चेतन की मंगेतर सिया गोयल ने भी पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं। परिवार के सदस्यों के भी नए बयान सामने आए हैं।
बचावकर्मी सुनील गायकवाड़ ने कहा, केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट थीं। उसकी मृत्यु हो चुकी थी। हमने शव को निकाला और जंगल के रास्ते बाहर ले गए, लेकिन खड़ी ढलान पर उसे उठाने में हमें कुछ कठिनाई हुई। सिया शव बरामदगी के दौरान मौजूद थी, लेकिन वह भावुक नहीं दिखी, जबकि अन्य लोग जोर-जोर से मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
सूत्रों ने पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि सिया ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है कि केतन की हत्या करना उसके परिवार का सामना करने और नवंबर में होने वाली शादी को रद्द करने से आसान था। सिया ने बताया कि उसने शादी रद्द करने के बजाय अपने होने वाले पति की हत्या करना इसलिए चुना, क्योंकि वह अपने परिवार की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थीं।
पुलिस ने बीते दिन करीब 10 घंटे तक सिया के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की। इस दौरान साहिल ने पुलिस को बताया कि वह आरोपी चेतन चौधरी को जानता था और उसकी बहन उससे एक क्रिकेट के दौरान मिली थी। पुलिस ने बताया कि पिछले साल एक दोस्त की दिवाली पार्टी में मिलने के बाद दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकी बढ़ गई। दोनों दोस्तों के साथ राजस्थान घूमने भी गए थे।
पुणे और लोनावला पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए 6 टीमें गठित की हैं। सिया के माता-पिता से भी लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई है। वहीं, सिया के भाई साहिल से भी दूसरी बार पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिया और केतन का रिश्ता कराने वाले नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल दोनों परिवारों का परिचय कराया था।
सूत्रों ने दावा किया है कि सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसका मानना था कि केतन की हत्या करने से उसे शादी से बचने के लिए कम से कम 2 साल का और समय मिल जाएगा। पुलिस को शक है कि सिया का प्रेमी और सह-आरोपी चेतन भी सिया से शादी करने से पहले 2-3 साल का और समय चाहता था।








