अंतरराष्ट्रीय बाजार से मि अमेरिकी डॉलर में आई रिकॉर्ड तेजी के कारण आज घरेलू वायदा तथा हाजिर बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली के भारी दबाव के चलते सोना करीब ?1,400 प्रति 10 ग्राम और चांदी ?6,150 प्रति किलोग्राम से अधिक टूट गई. इस बड़ी गिरावट से सर्राफा बाजार के निवेशकों और आभूषण निर्माताओं के बीच हलचल तेज हो गई है.
घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुद्धता के आधार पर सोने की कीमतों में व्यापक सुधार देखा गया, देश के प्रमुख बाजारों में आज शुद्ध सोने का भाव ?1,46,750 से ?1,47,980 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है. महानगरों में दिल्ली और कोलकाता जैसे केंद्रों पर कीमतें निचले स्तर पर देखी गईं. आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट सोने की दरें प्रति 10 ग्राम ?1,34,000 से ?1,35,650 के बीच टिकी हुई हैं.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज सिल्वर फ्यूचर्स में कमोडिटी ट्रेडर्स ने आक्रामक रूप से लॉन्ग पोजीशंस काटीं. चांदी का वायदा अनुबंध 2.8त्न की बड़ी गिरावट के साथ ?2,27,735 से ?2,28,200 प्रति किलोग्राम के दायरे में आ गया. हालांकि, देश के प्रमुख हाजिर बाजारों (जैसे दिल्ली और चेन्नई) में स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स लागत के कारण चांदी अभी भी ?2,45,000 से ?2,55,000 प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर खुदरा बिक रही है.
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बहुमूल्य धातुओं में इस बड़ी सुधारात्मक गिरावट के पीछे दो प्रमुख समष्टि आर्थिक कारक काम कर रहे हैं.
अमेरिकी डॉलर सूचकांक तेजी से बढक़र 102.2 के स्तर पर पहुंच गया है. डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए कमोडिटी का आयात महंगा हो जाता है, जिससे मांग में सीधे तौर पर कमी आती है.
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रखने या आगामी समीक्षा में बढ़ोतरी के संकेतों से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई है. इसके परिणामस्वरूप, वैश्विक संस्थागत निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से फंड निकालकर अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं.
इसी बिकवाली के चलते वैश्विक मंच पर स्पॉट गोल्ड 1त्न की गिरावट के साथ $4,150 प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 2त्न से अधिक टूटकर $64 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है.








