पैसों का सही प्रबंधन कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण काम होता है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल्स ने इसे काफी आसान बना दिया है। ये टूल खर्चों का रिकॉर्ड अपने आप रखते हैं, यह बताते हैं कि पैसा कहां खर्च हो रहा है और बचत के बेहतर तरीके भी सुझाते हैं। साल 2026 में वाईएनबी (यू नीड अ बजट), कोपायलट मनी, क्लिओ, रॉकेट मनी और गूगल जेमिनी या चैटजीपीटी जैसे टूल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
वाईएनबी यानी यू नीड अ बजट एक ऐसा ऐप है, जो हर रुपये को किसी खास काम के लिए तय करने की सलाह देता है। इसकी मदद से लोग अपनी कमाई को अलग-अलग जरूरतों और बचत के लिए बांट सकते हैं। यह टूल एआई की मदद से तुरंत बताता है कि पैसा कहां खर्च हो रहा है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है, जो अपने खर्च और बचत को व्यवस्थित तरीके से संभालना चाहते हैं।
कोपायलट मनी खर्चों को श्रेणियों में बांटने की सुविधा देता है। यह कैश फ्लो, निवेश और कुल संपत्ति का विश्लेषण करने में भी मदद करता है। इस टूल का डैशबोर्ड यूजर्स को उनके पैसों की स्थिति एक जगह पर दिखाता है। इससे लोगों को अपने वित्त की गहराई से समझ मिलती है और हर खर्च को अलग से ट्रैक करने की जरूरत कम हो जाती है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो अपने वित्त का विश्लेषण चाहते हैं।
क्लिओ एक चैटबॉट की तरह काम करता है और लोगों को बातचीत के जरिए बजट बनाने में मदद करता है। यह खर्च करने की आदतों पर नजर रखने और बचत बढ़ाने के लिए आसान भाषा में सुझाव देता है। पारंपरिक फाइनेंस ऐप की तुलना में इसका तरीका ज्यादा सरल और इंटरैक्टिव माना जाता है। इसलिए यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो जटिल वित्तीय शब्दों के बजाय सीधे और आसान तरीके से पैसों को समझना चाहते हैं।
रॉकेट मनी का मुख्य फोकस सब्सक्रिप्शन और बिल से जुड़े खर्चों को ट्रैक करना है। यह एआई की मदद से बार-बार होने वाले खर्चों की पहचान करता है और बताता है कि कहां अनावश्यक खर्च हो रहा है। इससे लोगों को ऐसे सब्सक्रिप्शन बंद करने में मदद मिलती है, जिनका इस्तेमाल कम होता है। यह टूल मासिक खर्च को व्यवस्थित करने और कैश फ्लो को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी सीधे बजटिंग ऐप नहीं हैं, लेकिन स्प्रेडशीट आधारित वित्तीय विश्लेषण में काफी मददगार साबित होते हैं। ये गूगल शीट्स या एक्सेल में मौजूद खर्चों के डेटा को समझने, खर्च के पैटर्न का सार बताने और संभावित बचत का अनुमान लगाने में सहायता करते हैं। इनकी मदद से लोग अपने पैसों से जुड़े आंकड़ों को आसानी से समझ सकते हैं। इससे खर्चों की समीक्षा करना पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाता है।








