भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करीब 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई। सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 477 लाख करोड़ रुपये से घटकर 475 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। आईटी शेयरों में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक टेक कंपनी एक्सेंचर का कमजोर आउटलुक को लेकर जताई गई चिंता रही।
आईटी शेयरों में गिरावट की शुरुआत एक्सेंचर के नए अनुमान के बाद हुई। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान की ऊपरी सीमा को 5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया। साथ ही, चौथी तिमाही के लिए भी उम्मीद से कम राजस्व का अनुमान दिया गया। कंपनी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का उसके कारोबार पर असर पड़ा है और आने वाले समय में भी इसका दबाव बना रह सकता है।
एक्सेंचर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर दुनियाभर में उत्साह बढ़ा है, लेकिन कंपनियां खर्च बढ़ाने से बच रही हैं। ग्राहक नए बजट जारी करने के बजाय अपने मौजूदा खर्च को ही एआई प्रोजेक्ट्स में लगा रहे हैं। कंपनी की आउटसोर्सिंग बुकिंग में भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे निवेशकों को आशंका हुई कि भारतीय आईटी कंपनियों को भी आने वाली तिमाहियों में कमजोर मांग और धीमी वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।
एक्सेंचर ने कहा है कि एआई से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की मांग बनी हुई है और कंपनी एआई, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और डाटा सेवाओं में निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इसके बावजूद निवेशकों की चिंता फिलहाल कम नहीं हुई है। बाजार को डर है कि तकनीक पर खर्च में तेजी आने और एआई से वास्तविक कमाई बढऩे में अभी अधिक समय लग सकता है, जिससे आईटी सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है।








