मॉस्को की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन के ज़बरदस्त ड्रोन हमले के बाद गुरुवार को रूसी राजधानी मॉस्को के कुछ हिस्सों पर काले, तैलीय पदार्थ की परत जम गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के कारण एक अजीब घटना हुई, जिसमें रिहायशी इलाकों में काले तेल के कण बारिश की तरह गिरने लगे। यह घटना राजधानी क्षेत्र पर यूक्रेन के अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले के बाद हुई है, जिसमें यूक्रेन ने लगभग 200 ड्रोन दागे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों से आसमान में घने धुएं के गुबार उठने लगे और काली बारिश हुई, इससे मॉस्को के आस-पास के इलाके में कम से कम 17 लोग घायल हो गए।
यूक्रेन के हमलों और विस्फोटों के बाद, सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे। इन वायरल क्लिप्स में कारों, खिड़कियों और सडक़ों पर चिपचिपी, काली परत जमी हुई दिखाई दे रही है। कई वीडियो में लोगों को उस तैलीय तरल पदार्थ को छूते हुए दिखाया गया है, जिससे पता चलता है कि ज़हरीला कचरा स्थानीय इलाकों में किस तरह फैल गया है।
ऑनलाइन फैल रहे कई वीडियो और तस्वीरों के बावजूद, नगर निगम के अधिकारियों ने शुरू में इस संकट को कम करके दिखाने की कोशिश की। स्थानीय अधिकारियों ने सख्ती से इस बात से इनकार किया कि शहर में किसी तरह की तेल की बारिश हो रही थी। हालांकि,
सूत्रों ने ज़रूरी स्वास्थ्य चेतावनियाँ जारी करके इन बयानों के उलट बात कही।
क्षेत्रीय सरकार ने दक्षिण-पूर्वी जि़लों के निवासियों को सलाह दी कि वे ज़हरीली गैसों को सांस के ज़रिए अंदर जाने से रोकने के लिए अपनी खिड़कियाँ कसकर बंद रखें। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि छोटे बच्चों वाले परिवारों, बुज़ुर्ग नागरिकों और अस्थमा से पीडि़त लोगों को तुरंत वह इलाका छोड़ देना चाहिए।
मॉस्को के लोगों ने बताया कि हल्की बारिश की वजह से उनके कपड़ों पर बहुत खराब काले धब्बे पड़ गए थे, वहीं बड़े पैमाने पर हवाई सुरक्षा नेटवर्क की भी कड़ी परीक्षा हुई। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसी 24 घंटे की अवधि में देश भर में लगभग 1,000 ड्रोन और कई क्रूज़ मिसाइलों को रोका गया। फिर भी, जलती हुई रिफ़ाइनरी से निकले मलबे और धुएं ने इस संघर्ष के पर्यावरणीय असर को सीधे मॉस्को के आम नागरिकों तक पहुंचा दिया है।








